अधूरापन

मेरे मन में आज एक बात खटक रही है|
वो बात जिस्से मेरा मन भी अपरिचित है|

न जाने क्यूँ एक अधूरापन सा लग रहा है|
जैसे मेरे मनका एक हिस्सा खो गया है|

चल पडा हूँ मैं पैदल उसकी खोज़ में|
नजाने कितने साल लगेंगे उसे प्राप्त करने में|

मैं इस आधुनिक दुनिया से दूर जाना चाहता हूँ|
मैं दौडना चाहता हूँ, मैं दौड़ना चाहता हूँ|

मेरे चरणों की गति तेज हो रही है|
मैं अब दौड रहा हूँ, मैं दौड रहा हूँ|

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